नैटो का कहना है कि इन सैनिकों की मौत उस समय हुई जब उनका वाहन किसी विस्फोटक की चपेट में आ गया.
इस विस्फोट में एक सैनिक घायल हुआ है.
मारे
गए सैनिकों की राष्ट्रीयता के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है.
हालांकि दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में ज़्यादातर सैनिक ब्रिटेन और कनाडा के
हैं.
हालांकि नैटो की ओर से यह नहीं बताया गया है
कि यह घटना कहाँ घटी है लेकिन नैटो पिछले कुछ दिनों से हेलमंद में अभियान
चला रही है जिससे कि वहाँ पनबिजली परियोजना का काम शुरु हो सके.
तालेबान की ओर इशारा
पिछले कुछ महीनों में यह नैटो सैनिकों के साथ घटी सबसे बड़ी दुर्घटना है.
इंटरनैशनल
सेक्यूरिटी असिस्टेंस फ़ोर्स (इसाफ़) की प्रवक्ता का कहना है कि इस
दुर्घटना में किसी नागरिक के हताहत होने की ख़बर नहीं है.
प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल एंजेला बिलिंग्स का कहना है कि संकेत मिल रहे हैं कि इस विस्फोट के पीछ तालेबान का हाथ है.
प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा, "हमला करने का यह तरीक़ा तालेबान का ही हो सकता है."
उन्होंने
कहा, "वे सीधे तो नैटो का मुक़ाबला कर सकते हैं और न रणनीति के हिसाब से
नैटो से निपट सकते हैं तो वे इस तरह का हमला करके छिपे रहना चाहते हैं."
उल्लेखनीय है कि अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी और पूर्वी भाग में तालेबान नैटो को कड़ी चुनौती दे रहे हैं.
पिछले साल तालेबान और नैटो के बीच ज़ोरदार लड़ाई हुई थी जिसमें कम से कम 4000 लोग मारे गए थे जिनमें एक तिहाई आम नागरिक थे.