यह सम्मेलन इराक़ में जारी हिंसा रोकने और वहाँ
स्थिरता कायम करने की कोशिशों के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन प्राप्त करने
पर केंद्रित होगा.
ज़ेबारी ने कहा कि उनकी सरकार अगले महीने की शुरुआत में मिस्र में यह सम्मेलन आयोजित करना चाहती है.
उन्होंने कहा कि इसमें इराक़ के सभी पड़ोसी देशों समेत अमरीका और दुनिया के अन्य बड़े देश शामिल होंगे.
बीबीसी
को दिए इंटरव्यू में ज़ेबारी ने कहा कि क्षेत्रीय तनाव का असर इराक़ पर
पड़ रहा है और सम्मेलन का एक मक़सद यह भी होगा कि दूसरे देश इराक़ के नाम
पर अपनी कूटनीति न चलाएँ.
पहली बार इस सम्मेलन में अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ईरान और सीरिया के विदेश मंत्रियों के साथ एक मंच पर होंगी.
इराक़ में पिछले कई महीनों से जातीय हिंसा और अमरीकी सेना पर चरमपंथी हमले तेज़ हुए हैं.
इससे निपटने के लिए अमरीका ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है और अतिरिक्त सैनिक वहाँ पहुँच चुके हैं.