अब भारत भी विश्व में जाने जाना लगा है। भारतीय संस्कृती के लोग विदेशों में जा कर अनुसंधान करते हैं और नये नये आविश्कार करते हैं। उसका लाभ भारत को नहीं मिलता था। पर अब भारत के सच्चे नागरिक भी जागरुक हो चुके हैं। उनकी कड़ी मेहनत से अब इंटरनेट जैसे केवल-अंग्रेजी के लिए बनाई गई वस्तु में भी अब भारतीय भाषाओं को आसानी से पड़ा जा सकता है।