सर्व शिक्षा अभियान (एमएसए) के तहत कम धनराशि खर्च करने के कारण बिहार सरकार वर्ष 2001 से 2005 के दौरान केन्द्र से बतौर अनुदान 865 करोड़ 29 लाख रुपए हासिल नहीं कर सकी। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने 31 मार्च 2006 को खत्म हुए वर्ष की अपनी रिपोर्ट में कहा कि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने जिलों से उपभोग प्रमाण पत्र रसीद के बगैर भारत सरकार को 421 करोड़ 43 लोख रुपए का उपभोग प्रमाण पत्र भेज दिया।