मेरा मानना है कि उत्तर प्रदेश प्रदेश कांग्रेस के
अध्यक्ष सलमान ख़ुर्शीद और केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल का मुलायम सरकार
को बर्ख़ास्त करने के बारे में खुलकर बोलना, इस बात की ओर इशारा करता है
कि कांग्रेस इस बारे में क्या सोच रही है.
सलमान
ख़ुर्शीद ने पत्रकारों से स्पष्ट रूप से कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के
बाद ये सरकार अवैध रूप से चल रही है. मुलायम सरकार को ख़ुद ही चले जाना
चाहिए, नहीं तो उसे बर्ख़ास्त किया जाना चाहिए.
लेकिन दूसरी ओर यूपीए गठबंधन की सदस्य सीपीएम ने कड़े शब्दों में कह दिया है कि बहुमत का फ़ैसला सदन में होना चाहिए.
हालांकि पिछले दो दिनों से कांग्रेसी नेता सीपीएम नेताओं से बातचीत कर रहे हैं.
लेकिन मुझे लगता है कि और ऐसी अटकलें भी हैं कि उत्तर प्रदेश राष्ट्रपति शासन की ओर बढ़ रहा है.
जहाँ
तक संसद से इसके अनुमोदन का प्रश्न है तो हो सकता है कि वह स्थिति ही न आए
और उसके पहले ही विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाए. वैसे भी उत्तर
प्रदेश में अप्रैल में चुनाव होने की संभावना है.
दूसरी
ओर भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल ने उत्तर
प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने को समर्थन देने की घोषणा कर दी है.
लेकिन समर्थन मिलने या न मिलने का सवाल तो बाद में आएगा क्योंकि उसके पहले ही चुनाव प्रक्रिया प्रभावी हो जाएग